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हिमाचली समुदाय की मुलाकात : भाग - 2

  • gbaloria333
  • Sep 7, 2024
  • 2 min read


5 सितंबर 2024 को पुणे के MG रोड पर स्थित प्रतिष्ठित पुणे क्लब में हिमाचली समुदाय की दूसरी मुलाकात का आयोजन हुआ। इस शाम को 7:30 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में 17 सदस्यों ने हिस्सा लिया, और यह आयोजन आधी रात तक चलता रहा, जिससे यह शाम सभी के लिए अविस्मरणीय बन गई।


पूरी शाम खुशी और मस्ती से भरी रही। हिमाचली समुदाय के सदस्यों ने नाच-गाने और आपसी बातचीत से इस आयोजन को यादगार बना दिया। रूपेश राणा के शानदार डांस मूव्स ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं कर्नल चंदेल ने इंग्लिश ट्रैक पर अपने अनोखे डांस से सभी को चौंका दिया। दीपक की मजेदार और दिलचस्प प्रस्तुति ने सबको हंसी से लोटपोट कर दिया। आकांक्षा सूद और उनके पति साहिल ने पुणे चैप्टर को आकार देने के लिए बेंगलुरु समूह की सफलता से प्रेरणा लेते हुए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।


विशेष धन्यवाद उन सभी सदस्यों का जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया। आयोजन के प्रायोजक, पूजा और दीपक, का भी विशेष आभार व्यक्त किया गया, जिनके सहयोग से यह संभव हुआ।




संजय सिंह का एक और मजेदार पल तब आया जब उन्होंने मौके पर ही अपने पुराने मित्र किरण चंदेल को पहचान लिया। वहीं गौरव अपनी मां के साथ हिंजवाड़ी से इस मुलाकात में शामिल हुए, जिससे सभा में एक पारिवारिक गर्मजोशी का माहौल बना।


इस आयोजन के दौरान, हिमाचलियों के बीच जुड़े अनोखे किस्से और सांस्कृतिक धरोहर को भी साझा किया गया। सांस्कृतिक आदान-प्रदान के कई प्रेरणादायक किस्से भी सामने आए। साहिल ने जर्मन कंपनी के साथ अपने अनुभवों के मजेदार किस्सों से बातचीत को और दिलचस्प बना दिया।


पूरी शाम हिमाचली नाटी नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सराबोर रही, जिससे हिमाचली संस्कृति की भावना जीवंत बनी रही।


इस मुलाकात के साथ ही, पुणे में हिमाचली समुदाय ने अपने भविष्य की दिशा निर्धारित करते हुए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, ताकि अगली मुलाकात और भी अधिक उत्साहपूर्ण और समृद्ध हो।


इस मुलाकात में समूह का एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण और उद्देश्य स्थापित करने और उस पर अमल करने पर चर्चा हुई। जिसके तहत समूह के उपस्थित सदस्यों ने तय किया कि वे लगातार ऐसे आयोजनों का प्रबंध करेंगे ताकि हिमाचल के जो लोग पुणे में रह रहे हैं, वे भी जुड़ सकें।


हिमाचली समुदाय की यह पहल न केवल सांस्कृतिक धरोहर का जश्न मनाने का एक माध्यम है, बल्कि एकता और सहयोग की भावना को भी मजबूत करती है। भविष्य में, समुदाय का लक्ष्य है कि सभी हिमाचली त्योहारों को एक साथ मनाया जाए और एक-दूसरे की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहा जाए।

 
 
 

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